हौज़ ई शमशी

I’ve been writing on the history of Delhi’s water infrastructures recently and a friend passed me this great article by…

केदारनाथ सिंह – बाज़ार

बाज़ार – केदारनाथ सिंह ‘आओ बाज़ार चलें’ उसने कहा ‘बाज़ार में क्या है’? मैंने पूछा ‘बाज़ार में धूल है’ उसने हंसते…